स्लिप डिस्क क्या है?
स्लिप डिस्क क्या होती है?
रीढ़ की हड्डियों के बीच डिस्क एक गद्दी की तरह काम करती है। जब इस डिस्क का अंदरूनी मुलायम भाग कमज़ोर जगह से बाहर निकल आता है और नस पर दबाव डालता है, तो इसे स्लिप डिस्क या हर्नियेटेड डिस्क कहते हैं।
यह सबसे अधिक कमर (लम्बर) में और कभी-कभी गर्दन (सर्वाइकल) में होती है।
मुख्य लक्षण
- कमर या गर्दन का दर्द जो हाथ या पैर तक जा सकता है
- पैर में तेज़, झनझनाहट वाला दर्द (साइटिका)
- हाथ या पैर में सुन्नपन या झनझनाहट
- मांसपेशियों में कमज़ोरी
- बैठने, झुकने या खांसने पर दर्द बढ़ना
स्लिप डिस्क क्यों होती है?
उम्र के साथ डिस्क कमज़ोर होने लगती है। गलत तरीके से भारी वजन उठाना, अचानक झटका, लंबे समय तक बैठना, मोटापा और धूम्रपान इसके सामान्य कारण हैं।
जांच कैसे होती है?
न्यूरोसर्जन आपकी नसों, ताकत और संवेदना की जांच करते हैं और आमतौर पर MRI से डिस्क और नस के दबाव की पुष्टि करते हैं।
इलाज
बिना सर्जरी (ज़्यादातर मरीज़)
कुछ दिन आराम, सूजन कम करने वाली दवा, फिजियोथेरेपी और सही पोस्चर से अधिकांश मरीज़ बिना ऑपरेशन ठीक हो जाते हैं।
सर्जरी कब जरूरी
जब दर्द बहुत तेज़ और लगातार हो, या नस पर गंभीर दबाव या कमज़ोरी हो, तब एंडोस्कोपिक/मिनिमली इनवेसिव सर्जरी पर विचार किया जाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या स्लिप डिस्क अपने आप ठीक हो सकती है?
क्या स्लिप डिस्क की सर्जरी बड़ी होती है?
स्लिप डिस्क में क्या नहीं करना चाहिए?
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इंदौर के Bombay Hospital में विशेषज्ञ ब्रेन एवं स्पाइन देखभाल।
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